K2-18B Super Earth Full Information!! हम सभी जानते हैं कि किसी भी इंसान या जीव जंतु को जीने के लिए पानी हवा तथा तापमान तीनों की अत्यंत आवश्यकता होती है इनके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। अभी तक हमारी पृथ्वी ही एकमात्र ग्रह है जिस पर पानी हवा तथा तापमान तीनों पाए जाते हैं।

मंगल ग्रह की बात करें तो वहां पर ऑक्सीजन तो है लेकिन अत्यंत अल्प मात्रा में। खैर ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए तो हम जुगाड़ बैठा लेंगे लेकिन पानी के बिना अंतरिक्ष पर भेजे जाने वाले मिशन सब बेकार हो जाएंगे।

वैज्ञानिक दिन-रात इसी कोशिश में लगे रहते हैं कि अंतरिक्ष में कोई ऐसा ग्रह मिले जहां पर पानी हो ताकि वहां पर आराम से इंसानी बस्तियां बसाई जा सकें। हाल ही में वैज्ञानिकों के सपनों में आशा की किरण दिखी है।

वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ग्रह को खोज निकाला है जहां पर पानी से भाप के बादल बन रहे हैं और वहां बरस भी रहे हैं तो आइए जानते हैं उस अनोखे ग्रह के बारे में-

K2-18 B Planet क्या है?

दूर अंतरिक्ष में मौजूद लियो तारामंडल में एक ऐसे ग्रह की खोज की गई है जहां पर तापमान के साथ साथ पानी के अस्तित्व के प्रमाण मिले हैं। उस ग्रह का नाम है K2-18B Super Earth ।

यह ग्रह हमारी पृथ्वी से आकार में 2 गुना बड़ा है तथा इसका वजन पृथ्वी से 8 गुना ज्यादा है। इस ग्रह में जलवाष्प के साथ साथ हीलियम, नाइट्रोजन, मेथेन जैसी गैसों के प्रमाण भी मिले। इस ग्रह में पानी पाए जाने की पुष्टि यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन ने की है। जिसने नेचर एस्ट्रोनॉमी में इस लेख को प्रकाशित किया। इस प्रकार के ग्रहों को एक्सोप्लैनेट कहा जाता है।

K2-18B Super Earth

एक्सोप्लैनेट (exoplanet)  क्या है?

एक्सोप्लैनेट (exoplanet) को हिंदी में बाहरी ग्रह कहा जाता है। हम सभी जानते हैं कि हमारे सौरमंडल का मुखिया सूर्य है जिसमें आठ ग्रह सूर्य के चक्कर लगा रहे हैं। यदि कोई ग्रह सौरमंडल से बाहर किसी अन्य तारे की परिक्रमा करता है उसे एक्सोप्लैनेट कहा जाता है।

हमें K2-18B नामक ग्रह में जाने के लिए क्या करना होगा?

अभी तक हमारे पास जो सबसे ज्यादा तेज चलने वाला spacecraft है उसकी स्पीड 1 सेकंड में 300 किलोमीटर है। जबकि प्रकाश 1 सेकंड में 3 लाख की दूरी तय करता है। अगर हमने प्रकाश की रफ्तार से चलने वाला कोई spacecraft बना भी लिया फिर भी हमें वहां तक पहुंचने में 100 साल से ज्यादा का समय लगेगा, जो कि व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

इसकी कल्पना करना अभी बहुत ज्यादा जरूरी होगा कि हम प्रकाश से भी ज्यादा रफ्तार से चलने वाले किसी spacecraft को बनाने के लिए सक्षम हैं या नहीं। फिलहाल हमारे पास कोई ऐसी टेक्नोलॉजी नहीं है जिससे हम प्रकाश की चाल से चलने वाला spacecraft बना सकें।

आखिर हमें क्यों छोड़नी पड़ेगी पृथ्वी

इतना सब कुछ जानकारी प्राप्त कर लेने के बाद आपके दिमाग में यह प्रश्न जरूर आ रहा होगा कि आखिर हमें पृथ्वी को छोड़कर अन्य ग्रह में रहने की क्या आवश्यकता है आपको बता दें कि पृथ्वी में संसाधनों के सीमित भंडार हैं। हमारी जनसंख्या प्रतिक्षण गुणात्मक दर से बढ़ रही है।

हम प्राकृतिक संसाधनों का भरपूर दोहन कर रहे हैं। जब यह संसाधन पूर्ण रूप से खत्म हो जाएंगे तब हमें किसी अन्य ग्रह पर बसने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। आज हमको अपने पृथ्वी में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की आवश्यकता है ताकि हम अधिक से अधिक दिनों तक पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग कर सकें।

आज हम लोग प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दुरुपयोग कर रहे हैं, यह भविष्य के लिए खतरे का संकेत है। जो सुख सुविधाएं हमें पृथ्वी पर प्राप्त हो रही हैं वह किसी अन्य ग्रह में प्राप्त नहीं हो सकती इसका हमें ध्यान रखना है, इसलिए धरती मां के प्राणों की रक्षा करना हमारा दायित्व है।

पृथ्वी पर लगातार गिरता जलस्तर, जलवायु परिवर्तन निकट भविष्य के लिए खतरे के संकेत है। अब मात्र 2.5% शुद्ध जल पृथ्वी पर बचा है यही कारण है कि आज दुनिया की आधी आबादी को पीने के लिए शुद्ध पानी मुहैया नहीं हो पाता।

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