गुरुत्व बल किसे कहते हैं? What is Gravity in Physics

गुरुत्व बल किसे कहते हैं? What is Gravity in Physics

गुरुत्व बल किसे कहते हैं? What is Gravity in Physics!! नमस्कार दोस्तों Exam Notes Find में आपका हार्दिक स्वागत है आज के इस पोस्ट में हम विज्ञान विषय के अंतर्गत गुरुत्वाकर्षण (Gravity) से संबंधित सभी पहलुओं पर चर्चा करेंगे तो आइए शुरू करते हैं

गुरुत्वाकर्षण की खोज (Gravity Ki Khoj kisne ki thi)

गुरुत्व बल किसे कहते हैं? What is Gravity in Physics
Image Source:Pixabay

यह विज्ञान की विडंबना है कि Gravity ki khoj का श्रेय न्यूटन को दिया जाता है जबकि सच्चाई की बात करें तो न्यूटन से लगभग 1000 वर्ष पहले ही भारत के वैज्ञानिक ब्रह्मगुप्त ने इस सिद्धांत को प्रतिपादित कर दिया था।
आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से Gravity Ki khoj  का श्रेय न्यूटन को दिया जाता है।

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गुरुत्व तथा गुरुत्वाकर्षण बल में अंतर (Difference between Gravity and Gravitational Force)

गुरुत्व बल-

दो पिंडों के बीच लगने वाले आकर्षण बल को गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं लेकिन उन दो पिंडों में से एक पिंड पृथ्वी हो तो उस दौरान जो आकर्षण बल दोनों पिंडों के बीच लगेगा उसे गुरुत्व बल कहा जाएगा।
अर्थात

पृथ्वी जिस आकर्षण बल से किसी पिंड को अपनी तरफ आकर्षित करती है उस बल को गुरुत्व बल कहते हैं।

गुरुत्वाकर्षण बल-

न्यूटन महोदय कहते हैं कि इस ब्रह्मांड में जितने भी पदार्थ हैं उनका एक निश्चित द्रव्यमान होता है न्यूटन के अनुसार किसी भी दो पिंडों ( जिसका कुछ द्रव्यमान हो) के बीच एक आकर्षण बल कार्य करता है इस आकर्षण बल को गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) कहा जाता है।

अर्थात

दो पिंडों के बीच लगने वाले आकर्षण बल को गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं।

माना एक पिंड का द्रव्यमान m1 है और दूसरे पिंड का द्रव्यमान M2 है यह दोनों r दूरी पर रखे गए हैं तब

1. उन पिंडों के बीच लगने वाला आकर्षण बल, पिंडों के द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती होगा। अर्थात जो पिंड जितना भारी होगा उसमें आकर्षण बल उतना ही अधिक लगेगा।
2. पिंडों के बीच लगने वाला आकर्षण बल, उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। 


यहां पर G एक नियतांक है जिसे सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (Universal Gravitational Constant) कहते हैं।

गुरुत्वीय त्वरण किसे कहते हैं?

गुरुत्वीय त्वरण को समझने से पहले आइए जानते हैं त्वरण क्या है

त्वरण की परिभाषा- “वेग परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं”।

उदाहरण- यदि कोई गाड़ी 30 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल से चल रही है हमने उसकी चाल 30 km/h से बढ़ाकर 40 km/h कर दिया। थोड़ी देर बाद पुनः हमने गाड़ी की चाल 40 km/h से घटाकर 20 km/h कर दिया। हमने देखा की गाड़ी के वेग में परिवर्तन हो गया है। यही वेग में किया गया परिवर्तन त्वरण कहलाता है।

गुरुत्वीय त्वरण- वह त्वरण जो गुरुत्वाकर्षण के कारण उत्पन्न होता है गुरुत्वीय त्वरण कहलाता है।

आपने बल, द्रव्यमान और त्वरण के बीच संबंध सुना होगा वह संबंध है-  F= m×a

साधारण अवस्था में त्वरण को a से प्रदर्शित करते हैं लेकिन गुरुत्वीय त्वरण को a की जगह g से प्रदर्शित करते हैं। पृथ्वी पर g का मान 9.8 m/s2 होता है।

अर्थात गुरुत्वीय त्वरण, बल तथा द्रव्यमान में निम्नलिखित संबंध होगा-
F= m×g

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लिफ्ट में उत्पन्न आभासी भार ( भारहीनता)

इसको जानने से पहले मैं यह स्पष्ट कर देता हूं की ‘भार और द्रव्यमान में क्या अंतर होता है’?

पृथ्वी अपनी तरफ किसी वस्तु को कितनी तेजी से आकर्षित कर रही है या किस बल के द्वारा आकर्षित कर रही है वह बल उस वस्तु का भार कहलाता है।
वस्तुओं का भार पृथ्वी पर एक समान नहीं रहता है। भार का मान भूमध्य रेखा तथा ध्रुवों पर अलग-अलग होता है।

द्रव्यमान का अर्थ होता है कि किसी वस्तु के अंदर कितना द्रव्य उपस्थित है। इसका मान सभी जगह एक समान रहता है।

अब हम आते हैं अपने मूल विषय पर

जब आप लिफ्ट में खड़े होते हैं तब आपको अपने भार में वृद्धि या कमी महसूस होती है भार में महसूस की जाने वाली यह वृद्धि या कमी आभासी होती है।

1. जब लिफ्ट ऊपर जा रही होती है तब उसमें खड़े व्यक्ति को स्वयं का भार बढ़ा हुआ प्रतीत होता है।
2. जब लिफ्ट नीचे आ रही होती है तब उसमें खड़े व्यक्ति को स्वयं का भार घटा हुआ प्रतीत होता है।
3. जब लिफ्ट एक समान वेग से ऊपर जाती है तथा एक समान वेग से नीचे आती है तब वहां पर त्वरण का मान शून्य हो जाता है इस अवस्था में लिफ्ट पर खड़े व्यक्ति को स्वयं के बाहर में किसी भी परिवर्तन का आभास नहीं होता है।
अर्थात
जब लिफ्ट एक समान वेग से ऊपर अथवा नीचे जाती है, तब उसमें खड़े व्यक्ति के भार में कोई भी परिवर्तन नहीं होता है।
4. यदि चलती हुई लिफ्ट की डोरी टूट जाए तो उस दौरान व्यक्ति को अपना भार शून्य प्रतीत होगा यही स्थिति भारहीनता की स्थिति कहलाएगी।

गुरुत्वाकर्षण से संबंधित स्मरणीय तथ्य

1. विश्व में सर्वप्रथम गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का प्रतिपादन किया-
उत्तर- भारत के वैज्ञानिक ब्रह्मगुप्त ने
2. पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल को कहते हैं-
उत्तर- गुरुत्वीय बल
3. किसी पिंड पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल होता है-
उत्तर- उसके भार के बराबर
4. चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है-
उत्तर- गुरुत्वाकर्षण बल के कारण
5. चंद्रमा पर वायुमंडल अनुपस्थित है-
उत्तर- चंद्रमा के कम पलायन चाल के कारण
6. भारहीनता की स्थिति उत्पन्न होती है-
उत्तर- जब पिंड मुक्त रूप से ऊपर से गिर रहा हो
7. पृथ्वी का चक्कर लगा रहा उपग्रह अनुभव करता है-
उत्तर- भारहीनता का
8. भारहीनता की स्थिति में लोलक घड़ियों का आवर्तकाल होता है-
उत्तर- अनंत
9. सबसे अधिक पलायन चाल वाला सौरमंडलीय पिंड है-
उत्तर- सूर्य
10. सौरमंडल के ग्रहों में सबसे अधिक पलायन चाल है-
उत्तर- बृहस्पति का
11. सूक्ष्म गुरुत्व में मोमबत्ती के लौ का आकार होता है-
उत्तर- गोलाकार

कुछ महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न

1. लिफ्ट में व्यक्ति का भार उसके वास्तविक भार से अधिक होता है जब-
(a) नियत वेग से ऊपर जाती है
(b) नियत वेग से त्वरित होती है
(c) नियत वेग से नीचे उतरती है
(d) ऊपर की ओर त्वरित होती है

उत्तर- (d)

2. चंद्रमा की सतह से पलायन वेग का मान पृथ्वी की सतह की अपेक्षा कम होता है क्योंकि-
(a) चंद्रमा पर कोई वायुमंडल नहीं है जबकि पृथ्वी पर है
(b) चंद्रमा की त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या से कम है
(c) चंद्रमा सूर्य के अधिक निकट है
(d) चंद्रमा का द्रव्यमान कम है

उत्तर- (b)

3. टेनिस की गेंद मैदान की अपेक्षा किसी पहाड़ी पर अधिक ऊंची चलती है क्योंकि-
(a) पर्वतों पर वायुदाब अपेक्षाकृत कम होता है
(b) पर्वतों पर गेंद और हल्की हो जाती है
(c) पर्वतों पर पृथ्वी का गुरुत्वीय त्वरण कम हो जाता है
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर- (c)

4. निम्नलिखित में से सूर्य के चारों और परिक्रमण काल के बढ़ते हुए क्रम वाली श्रेणी है-
(a) बुध, नेपच्यून ,मंगल
(b) शनि, यूरेनस, शुक्र
(c) मंगल, बृहस्पति, शुक्र
(d) मंगल, शनि, प्लूटो

उत्तर- (d)

5. ग्रहों को उनकी कक्षा में बांधे रखने वाले बल को कहते हैं-
(a) स्थिर वैद्युत बल
(b) चुंबकीय बल
(C) गुरुत्वीय बल
(d) नाभिकीय बल

उत्तर- (c)

6. यदि किसी वस्तु का भार नंदा देवी पर्वत की अपेक्षा माउंट एवरेस्ट पर लिया जाए तो उसके भार में क्या परिवर्तन होगा-
(a) बढ़ेगा
(b) घटेगा
(c) पहले बढ़ेगा फिर घटेगा
(d) अपरिवर्तित रहेगा

उत्तर- (b)

7. भूकंप आने पर अधिकेंद्र के स्थान पर पृथ्वी की त्रिज्या में वृद्धि हो जाती है। इससे उस स्थान पर गुरुत्वीय त्वरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा-
(a) बढ़ेगा
(b) घटेगा
(c) अपरिवर्तित रहेगा
(d) कुछ नहीं कहा जा सकता

उत्तर- (b)

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