बायोम का अर्थ

बायोम का अर्थ क्या है? What is the meaning of biome?

आज मैं आपको बायोम (जीवोम) के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाला हूं इसे पढ़ने के बाद आप बायोम से संबंधित किसी भी प्रश्न को हल करने में सक्षम होंगे तो आइए जानते हैं- बायोम का अर्थ 

बायोम का अर्थ क्या है?

“पृथ्वी पर पाए जाने वाले जीव जंतु तथा पेड़ पौधों को सम्मिलित रूप से बायोम कहते हैं।”
 अथवा
“सभी पारिस्थितिकी तंत्र के समूह को बायोम कहते हैं।”
बायोम को मुख्यतः दो भागों में बांटा गया है-
1. स्थलीय बायोम
2. जलीय बायोम

1. स्थलीय बायोम किसे कहते हैं?

पृथ्वी के स्थलीय भाग में पाए जाने वाले पेड़ पौधों एवं जीव जंतुओं को सम्मिलित रूप से स्थलीय बायोम कहते हैं। स्थलीय बायोम को मुख्यतः चार भागों में बांटा गया है:

(A) वन बायोम

पृथ्वी पर उष्णकटिबंधीय क्षेत्र( कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच का क्षेत्र) अत्यंत गर्म क्षेत्र होता है अत्यधिक गर्मी होने के कारण यहां पर समुद्री जल का वाष्पीकरण अधिक होता है। वाष्पीकरण अधिक होने के कारण यहां पर अत्यधिक वर्षा होती है यही कारण है कि यहां पर अत्यंत घने वन पाए जाते हैं।
वन बायोम को विषुवत रेखीय वन तथा उष्णकटिबंधीय वनों में विभाजित किया गया है।
विषुवत रेखीय वन पृथ्वी पर विषुवत रेखा से 5 डिग्री उत्तरी गोलार्ध तथा 5 डिग्री दक्षिणी गोलार्ध के बीच पाए जाते हैं। विषुवत रेखा में पाए जाने वाले वनों को सदाबहार वन कहा जाता है ये वन अत्यंत सघन होते हैं जिसके कारण सूर्य का प्रकाश धरातल तक नहीं पहुंच पाता है।
विषुवत रेखीय वनों के उदाहरण-  बांस, रबर ,चंदन ,महोगनी, रोजवुड
भारत के केरल राज्य में स्थित शांत घाटी में सदाबहार वन पाए जाते हैं। शांत घाटी पश्चिमी घाट का हिस्सा है जो नीलगिरी पर्वत पर स्थित है।
उष्णकटिबंधीय वन पृथ्वी पर विषुवत रेखा से 23 1/2 N से 23 1/2 S के बीच पाए जाते हैं। यहां पर वर्षा कम होती है वर्षा कम होने के कारण यहां पर पाई जाने वाली वनस्पति विरल होती है। उष्णकटिबंधीय वन बायोम में सूर्य का प्रकाश धरातल तक पहुंच जाता है। इसे अशांत बायोम भी कहा जाता है। यहां पर पतझड़ वाले वन पाए जाते हैं।
उष्णकटिबंधीय वन बायोम के उदाहरण- नीम, पीपल, महुआ, बरगद, आम ,शीशम

(B) घास बायोम

घास बायोम मुख्यतः दो भागों में विभाजित किया गया है-

उष्णकटिबंधीय घास बायोम-
पृथ्वी पर 23 1/2N से 23 1/2S के बीच का क्षेत्र उष्णकटिबंधीय घास बायोम कहलाता है। यहां पर तापमान अधिक रहता है जिसके कारण वर्षा अधिक होती है और यह स्थान घास का सघन क्षेत्र बनाता है। कैंपोज (ब्राजील), लानोस (वेनेजुएला), सवाना (अफ्रीका) उष्णकटिबंधीय घास मैदान के उदाहरण है। ब्राजील का कैंपोज क्षेत्र काफी की कृषि के लिए अत्यंत उपयोगी है। क्योंकि यहां पर लेटराइट मिट्टी पाई जाती है जो काफी की कृषि के लिए अत्यंत उपयोगी मिट्टी होती है। लेटराइट का अर्थ” ईट के समान कठोर” होता है।
शीतोष्ण कटिबंधीय घास बायोम-
पृथ्वी पर 45 N से 66 N तथा 45 S से 66 S के बीच का क्षेत्र शीतोष्ण कटिबंधीय घास बायोम कहलाता है यहां पर तापमान कम होने के कारण समुद्री जल कम वाष्पीकृत होता है जिससे यहां पर वर्षा कम होती है वर्षा कम होने के कारण यहां पर घास विरल होती है। पम्पास, प्रेयरी, स्टेपी, वेल्ड, डाउन्स शीतोष्ण कटिबंधीय घास बायोम के उदाहरण है।

(C) टुंड्रा बायोम

पृथ्वी पर यह क्षेत्र 66 1/2 N से 90 S के बीच अवस्थित है। यहां पर तापमान बहुत ही कम होता है जिसके कारण वर्षा बिल्कुल नहीं हो पाती। वर्षा के नहीं होने से वनस्पति का विकास नहीं हो पाता है। रितु प्रवासी पक्षी जिसे साइबेरियन सारस कहते हैं, टुंड्रा प्रदेश में पाए जाते हैं।

(D) मरुस्थलीय बायोम

मरुस्थलीय शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है मरु और स्थल जहां पर मरू का अर्थ है मरा हुआ तथा स्थल का अर्थ है स्थान। अर्थात वह क्षेत्र जहां पर उत्पादन नहीं हो रहा हो वर्षा 25 सेंटीमीटर से भी कम होती हो और उत्पादन नहीं होता हो, मरुस्थलीय क्षेत्र कहलाता है।
पृथ्वी के 14% भाग पर मरुस्थल पाए जाते हैं। यह मरुस्थल महाद्वीपीय क्षेत्र के पश्चिमी भाग में पाए जाते हैं। क्योंकि पश्चिमी भाग में ठंडी जलधारा पाए जाने के कारण उस जल का वाष्पीकरण नहीं हो पाता है जिससे वर्षा नहीं होती है। वर्षा न होने के कारण वह क्षेत्र मरुस्थल में तब्दील हो जाता है।

2. जलीय बायोम किसे कहते हैं?

पृथ्वी के जलीय भाग में पाए जाने वाले पेड़ पौधों तथा जीव-जंतुओं को समग्र रूप से जलीय बायोम कहा जाता है। खुला समुद्र, प्रवाल भित्ति, आर्द्रभूमि बायोम जली बायोम के प्रकार हैं।
खुला समुद्र- तीन और जल तथा एक और स्थल से घिरा क्षेत्र खुला समुद्र कहलाता है। समुद्र में सूर्य का प्रकाश 200 मीटर गहराई तक ही जा पाता है।
प्रवाल भित्ति- प्रवाल भित्ति उष्णकटिबंधीय महासागरों में पाया जाता है प्रवाल एक कवच के अंदर पाया जाता है यह कवच कैलशियम कार्बोनेट का बना होता है। विश्व की सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति मकर रेखा के ऊपर स्थित है इसका नाम ग्रेट बैरियर रीफ है। या प्रशांत महासागर में अवस्थित है।
भारत में लक्षद्वीप का निर्माण प्रवाल भित्ति के मिलने से हुआ है।
आर्द्रभूमि बायोम- आर्द्र भूमि को नमी युक्त भूमि कहते हैं। आर्द्रभूमि बायोम वह बायोम है जहां पर पानी मृदा के साथ मिलकर कोलाइडी विलयन बना देता है। आर्द्रभूमि के संरक्षण के लिए सर्वप्रथम 2 फरवरी 1972 में ईरान के रामसर शहर में एक सम्मेलन बुलाया गया था इसलिए 2 फरवरी को आर्द्रभूमि दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत का सबसे बड़ा आर्द्र भूमि क्षेत्र कच्छ का रण है।

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